मसूरी – मशहूर तबला वादक अनुराधा पाल की शानदार प्रस्तुति, स्रोता जमकर झूमे।

मसूरी : भारत की अग्रणी मशहूर महिला तबला वादक अनुराधा पाल ने हैंपटन कोर्ट स्कूल सभागार में कानसेन बनें, खुशी बढाएं के तहत तबला वादन की मनमोहक प्रस्तुति देकर वहां मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया वहीं तबले की मधुर धुनों को सुन पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित व प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी द्वारा भारत की लक्ष्मी सम्मान प्राप्त तबला वादक अनुराधा पॉल ने देश विदेश में तबले की प्रस्तुति देकर भारत के संगीत को विश्वभर में ऊंचाइयों पर पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने तबला वादन में तबले की धुनों पर विभिन्न आयामों को जोड़ते हुए वर्षा, घोडें की चाल, बच्चों को प्रातः उठने व रेल चलने के दौरान पुल, स्टेशन आदि की मधुर आवाज तबले के माध्यम से सुना स्रोताओं व स्कूली बच्चों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि उस्ताद जाकिर हुसैन से 6 साल की उम्र से तबला वादन सीखा है और 9 वर्ष की आयु से स्टेजों पर प्रस्तुति देना शुरू कर दिया था ओर वर्तमान में भारत की नंबर एक महिला तबला वादक है। पत्रकारों से बातचीत में तबला वादक अनुराधा पाल ने बताया कि संगीत की कोई भाषा नहीं होती है और उन्होंने इसे अपने जीवन में अपनाकर लोगों को संगीत के बारे में जानकारी देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने विश्व में कई जगह तबले पर प्रस्तुति दी है और जिसे बहुत सराहा गया है। उन्होंने नई पीढ़ी का आह्वान किया कि वे भी संगीत को अपने जीवन में अपनाएं, संगीत से तनाव दूर होता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ने उन्हें भारत की लक्ष्मी पुरस्कार से नवाजा गया है और वह लगातार तबले पर प्रस्तुति देकर भारतीय संगीत को बुलंदियों पर पहुंचाना चाहती हैं। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद दर्शकों से अपील की कि भारतीय संगीत में विभिन्न रस है और इससे जीवन में एक नए अनुभव की अनुभूति होती है। उन्होंने बताया कि कोरोना काल के दौरान उन्होंने संगीत से जुड़े विभिन्न लोगों की मदद की और कोशिश की कि संगीत से देशवासियों का तनाव दूर किया जा सके। कार्यक्रम में कार्यक्रम की संयोजक स्मृति हरि ने तबला वादक अनुराधा पाल का स्वागत किया व हेंपटन कोर्ट में प्रस्तुति देने पर आभार व्यक्त किया। विद्यालय की प्रधानाचार्या सिस्टर रोजलीन ने तबला वादक अनुराधा का विशेष आभार व्यक्त किया कि उन्होंने विद्यालय में आकर अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर स्रोताओं को झूमने पर मजबूर किया। इस मौके सिस्टर अनीता सिह सहित, शैलेंद्र कर्णवाल, रश्मि कर्णवाल, रूपचंद गुरूजी सहित विद्यालय की शिक्षिकाएं, शिक्षक व बच्चे मौजूद रहे।

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