मसूरी – जल जीवन मिशन पर चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू।

मसूरी : जल जीवन मिशन जल शक्ति मंत्रालय के तत्वावधान में प्रमुख संसाधन केंद्र, एचआईएचटी द्वारा जल जीवन मिशन पर चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। जिसमें राज्य जल स्वच्छता मिशन सहयोग कर रहा है। इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत और वीडब्ल्यूएससी के 52 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।


उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत शनिवार को प्रशिक्षण टीम ने ग्राम पंचायत क्याकुली- भट्टा का भ्रमण किया गया। उन्होंने ग्राम पंचायत क्यारकुली भट्टा में जल जीवन मिशन के कार्यों को देखा तथा उसकी सराहना की। टीम द्वारा बासागाङ बड़ोखेत का स्थलीय भ्रमण किया गया तथा परगाखाला स्रोत को भी देखा। पेयजल स्रोत पर ही ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति के जल गुणवत्ता परीक्षण समिति के सदस्यों द्वारा जल गुणवत्ता परीक्षण किया गया तथा उपस्थित टीम को फील्ड टेस्ट किट एवं उसके पैरामीटर के बारे में अवगत कराया गया। इस संबंध में यूथ हॉस्टल में एक छोटी सी गोष्ठी भी आयोजित की गई जिसमें उत्तराखंड जल संस्थान के सहायक अभियंता टीएस रावत ने क्यारकुली भट्टा में विभाग द्वारा किए गए जल जीवन मिशन के कार्यों, अंशदान स्कीम का रखरखाव एवं मैनेजमेंट, स्रोत संरक्षण एवं संवर्धन, जल प्रबंधन एवं उसके चुनौतियों एवं समाधान के संबंध में सभी प्रतिनिधियों को विस्तार से अवगत कराया। ग्राम प्रधान कौशल्या रावत द्वारा भी अपने ग्राम पंचायत में कराए गए कार्यों से तथा समस्याओं एवं उनके निराकरण तथा 2 अक्टूबर को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संवाद कार्यक्रम के अनुभवों से सभी टीम के सदस्यों को अवगत कराया। समाज सेवी राकेश रावत ने भी अपने ग्राम पंचायत के कार्यों एवं अनुभव को टीम के साथ साझा किया गया। उन्होंने गांव में जल जीवन मिशन के कार्य मेरा गांव मेरी सड़क, ग्रह वाटर मैनेजमेंट, सोख्ता गड्ढा तथा पर्यावरण एवं स्रोत संरक्षण हेतु वृक्षारोपण के बारे में भी विस्तार से सभी सदस्यों को अवगत कराया। प्रशिक्षण टीम के सदस्यों द्वारा ग्राम में हुए कार्यों की सराहना के साथ-साथ  गांव के अपने अच्छे अनुभवों को अपने साथ ले गए। कार्यक्रम में सहायक अभियंता टीएस रावत, ग्राम प्रधान कौशल्या रावत, राकेश रावत, ग्राम पानी समिति की मीना कोटाल, बलदेव पवार, संदीप, संजय तथा मुख्य संसाधन केंद्र, हिमालयन इंस्टीट्यूट हॉस्पिटल ट्रस्ट देहरादून के पर्यावरण के लिए परंपरा, संस्कृति, जल संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, सामुदायिक भागीदारी पर, डॉ राजीव बिजलवान, स्वास्थ्य और स्वच्छता विशेषज्ञ, एचआईएचटी द्वारा सुरक्षित पानी और स्वच्छता का महत्व जेजेएम और हर घर जल की अवधारणा, नितेश कौशिक, जल प्रबंधन विशेषज्ञ, सामाजिक विकास विशेषज्ञ भट्ट द्वारा जिम्मेदार और उत्तरदायी नेतृत्व के विकास के लिए प्रबंधन और पर्यावरण, सुनील खंडूरी, बीसीसी विशेषज्ञ, एचआईएचटी द्वारा इंटरैक्टिव गेम के साथ सामाजिक व्यवहार परिवर्तन संचार, समुदाय को शामिल करने के लिए समूह अभ्यास, विवेक आनंद, प्रशिक्षण और मीडिया विशेषज्ञ, एचआईएचटी एवं जिला-देहरादून के विभिन्न प्रखंडों से ग्राम पंचायत व वीडब्ल्यूएससी के 52 प्रतिनिधि आदि भी उपस्थित रहे।

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