मसूरी – हेलंग घटना के दोषी सुरक्षा कर्मियों व प्रशासन के विरूद्ध कार्रवाई करने को प्रदर्शन, दिया ज्ञापन।

मसूरी : चमोली जिले के जोशीमठ क्षेत्र के हेलंग में घास लाती महिला से सीआईएसएफ एवं उत्तराखंड पुलिस के घास छीनने पर एक पखवाड़ा होने व मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी कार्रवाई न होने के विरोध में मसूरी के नागरिकों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंध धामी को प्रदर्शन करने के बाद एसडीएम मसूरी के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया व मांग की कि अगर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेश व्यापी आंदोलन किया जायेगा।
बड़ी संख्या में मसूरी के नागरिक कचहरी प्रांगण में एकत्र हुए व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एसडीएम के न होने पर नायब तहसीलदार के माध्यम से ज्ञापन दिया गया व मांग की गई कि शीध्र दोषी सुरक्षा कर्मियों व जिला प्रशासन के अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाय। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि यह घटना अति निंदनीय व शर्मनाक है। उत्तराखंड राज्य का निर्माण जल जंगल व जमीन के अधिकार को लेकर किया गया था लेकिन वर्तमान में भाजपा की प्रदेश सरकार जन विरोधी कार्य कर रही है व राज्य आंदोलनकारियों के सपनों को कुचलने का कार्य कर रही है। ज्ञापन में मांग की गई कि शीघ्र घास छीनने वाले सुरक्षा कर्मियों को निलंबित किया जाय व कड़ी कार्रवाई की जाय, चमोली के जिलाधिकारी हिमंाशु खुराना को पद से हटाया जाय, वन पंचायत नियमावली व वनाधिकारी कानून 2006 का उलंघन करके ली गई वन पंचायत की स्वीकृति को रदद किया जाय, व अवैध आधार बना कर पेड़ काटने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाय, टीएचडीसी के विरूद्ध मलवा नदी में डालने व पेड़ काटने के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाय व परियोजना निर्माता कंपनियों के कामों की जनता की भागीदारी के साथ मॉनिटिरिंग की व्यवस्था की जाय, हेलंग प्रकरण की जांच उच्च न्यायालय के सेवारत या सेवा निवृत्त न्यायाधीश से की जाय। इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता मेघ सिंह कंडारी ने कहा कि हेलंग में जो घास काट कर लायी ग्रामीण महिला के साथ सुरक्षा कर्मियों ने अभद्रता की वह बर्दास्त करने योग्य नहीं है इस घटना की जितनी निंदा की जाय कम है। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलन जल जंगल जमीन के लिए ही किया गया था लेकिन आश्चर्य की बात है कि भाजपा सरकार में उन महिलाओं के साथ अन्याय हो रहा है जो अपने पशुओं के लिए चारा ला रही थी वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री के आदेश का पालन भी नहीं किया गया जो शर्मनाक है। इस मौके पर वरिष्ठ नेता जय प्रकाश उत्तराखंडी ने कहा कि हेलंग की घटना निंदनीय है यह उत्तराखंड की अस्मिता व ग्रामीणों के हक हकूक पर हमला है। इसमें जितने जिम्मेदार अधिकारी है उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

इस मौके पर राज्य आंदोलनकारी जय प्रकाश उत्तराखंडी, देवी गोदियाल, मेघ सिंह कंडारी केदार चौहान, पूरण जुयाल, पूर्व उपाध्यक्ष छावनी परिषद लंढौर महेश चंद, विक्रम सिंह पंवार, रमेश सिंह, प्रताप कंडारी, सुनील सिंह पंवार, उमेंद सिंह पुंडीर, श्याम सिंह चौहान, कुलदीप रावत, भौंपाल सिहं, महिमानंद, अमित गुप्ता, पवन थलवाल, जयपाल राणा, नरेंद्र पंवार सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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