मसूरी – पशु पालन, मत्सय पालन, दुग्ध पालन से पलायन को रोकने का प्रयास किया जायेगा- सौरभ बहुगुणा

मसूरी : प्रदेश के गन्ना विकास, दुग्ध पालन, पशु पालन, मत्सय पालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि सभी ऐसे विभाग है जिसमें दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं का सशक्ति करण व युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा सकता है।
मसूरी निजी दौरे पर सरिवार आये कबीना मंत्री सौरभ बहुगुणा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मंत्री बनने के बाद जब पहली रिव्यू बैठक ली तो उसमें पता चला कि गत पांच वर्षों में विभाग ने बहुत अच्छा कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के छह पर्वतीय जिले ऐसे है जहां मत्सय पालन का कार्य किया जा रहा है जिसमें हिमालयन ट्राउड की फार्मिग करवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 में ट्राउड का उत्पादन 30 टन था जिसे वर्तमान में 3सौ टन तक ले गये हैं और आगामी 2025 तक पांच हजार टन तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। यहां की मछली 18सौ रूपये किलो के हिसाब से देश के विभिन्न शहरों दिल्ली, मुबंई आदि में जा रही है। उन्होंने कहा इससे पहाड़ी क्षेत्रों में मछली पालन बढ रहा है व रोजगार के साथ आर्थिक मजबूती मिल रही है। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही मुर्गी पालन के क्षेत्र में बहुत तरक्की हुई है। पिथौरागढ जिला मुर्गी पालन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। प्रदेश के एससी एसटी को पचास, पचास मुर्गी के बच्चे निःशुल्क दिए जा रहे हैं। वहीं गाय पालन, बकरी पालन पर सब्सिडी दी जा रही है। उन्होने कहा कि दुग्ध पालन में यहां के युवाओं की रूचि नहीं है जिसके लिए प्रयास किया जा रहा है कि एक आटोमेटिड स्माल यूनिट बनाकर उनको रोजगार दें। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सबसे बड़ी समस्या पलायन है उसको रोकने के लिए पालिसी पर कार्य किया जा रहा है ताकि पलायन रूक सके व यहां के युवा बेरोजगारों को रोजगार मिल सके। उन्होंने चीनी मिलों के बारे में कहा कि अभी तक उन्होंने चार चीनी मिलों सितारगंज, किच्छा, डोईवाला व लक्सर का निरीक्षण किया है। जिस विधानसभा से आता हूं वह किसान बहुल क्षेत्र है। इन चीनी मिलों में समस्यायें हैं जिसके बारे में मुख्यमंत्री से भी वार्ता की गई है। इन्हें ठीक करने के लिए नीतिगत निर्णय लिए जाने हैं व इनका आधुनिकी करण किया जाना है। क्योंकि सरकारी मिलें सभी पुरानी है जबकि लक्सर की मिल प्राइवेट है उसमें व सरकारी मिलों में बहुत अंतर है।

मंत्री बहुगुणा ने कहा कि प्राइवेट चीनी मिल में रिकवरी रेट साढे बारह प्रतिशत है जबकि सरकारी मिलों में साढे आठ से नौ प्रतिशत है कहीं दस प्रतिशत भी है ऐसे में सरकार की प्राथमिकता होगी कि इनका आधुनिकी करण किया जाय। जहां तक गन्ना किसानों के भुगतान का सवाल है वह कोई बड़ा मामला नहीं है गत पांच सालों में भाजपा की सरकार ने गन्ना किसानों को भुगतान समय पर किया है। वर्तमान में पांच सौ करोड की देनदारी है जिसमें से 225 करोड़ दे चुके है। ऐसे में प्रदेश के मुख्य सचिव एसएस संधु से बात की है कि अगर वह दो सौ करोड एकमुश्त दे दे तों किसानों को बकाया पूरा दिया जा सकेगा जो थोड़ा बचा है उसे भी दे दिया जायेगा। इस मौके पर भाजपा मसूरी मंडल अध्यक्ष मोहन पेटवाल, सभासद अरविंद सेमवाल, अनिल गोदियाल व संदीप साहनी ने उनका मसूरी पहुंचने पर गुलदस्ता देकर स्वागत किया।

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