मसूरी – शिफन कोर्ट के बेघरों ने पालिका प्रांगण में शुरू किया अनिश्चित कालीन धरना।

मसूरी : पुरकुल मसूरी रोपवे के अंतर्गत शिफन कोर्ट से 84 परिवारों को बेघर कर दिया गया था और 15 महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें आवास मुहैया नहीं कराया गया है जिसको लेकर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत नगर पालिका परिषद मसूरी के प्रांगण में शिफन कोर्ट से बेघर हुए लोगों द्वारा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि जब तक उन्हें आवास मुहैया नहीं कराए जाते हैं तब तक वह धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे।

शिफन कोर्ट आवासहीन निर्बल मजदूर वर्ग एवं अनुसूचित जाति संघर्ष समिति के तत्वाधान में नगर पालिका प्रांगण में आयोजित अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन के मौके पर नगर पालिका सभासद गीता कुमाई ने कहा कि शिफन कोर्ट से बेघर हुए लोगों को लेकर केवल राजनीति की जा रही है और आज भी कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को विवश है। उन्होंने कहा कि जब तक बेघर हुए लोगों को आवास उपलब्ध नहीं कराया जाता है तब तक वे प्रदर्शन करते रहेंगे। धरने पर शिफन कोर्ट के बेघरों के साथ धरने पर बैठी पालिका सभासद गीता कुमाई ने कहा कि ये गरीब लोग पहले ही कोविड से परेशान है वहीं आवास नहीं हैं कहां से अपने बच्चों की फीस देंगे। उन्होंने कहा कि नगर पालिका के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों या पुराने जनप्रतिनिधियों ने कई ऐसे कार्य किए है जो नियम विरूद्ध  हैं लेकिन उनपे कोई कार्रवाई नहीं लेकिन इन गरीबों पर कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि नगर पालिका को इस मामले में कोर्ट में जाना चाहिए व जनप्रतिनिधियों को यह मामला उठाना चाहिए अन्यथा स्तीफा दे देना चाहिए।

इस अवसर पर प्रदीप भंडारी ने कहा कि स्थानीय विधायक और नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा शिफन कोर्ट के निवासियों को आश्वासन दिया गया था कि 15 दिन के भीतर उन्हें आवाज मुहैया करा दिया जाएगा लेकिन 15 माह बीतने के बाद भी उन्हें आवास नहीं मिल पाया है और इससे तमाम संगठनों में आक्रोश व्याप्त है और आज से इस प्रदर्शन और धरने की शुरुआत कर दी गई है जो कि अनिश्चितकाल तक चलता रहेगा।

शिफन कोर्ट संघर्ष समिति के सचिव संजय टम्टा ने बताया कि किस प्रकार से रातों-रात उनके आवासों को खाली करवा दिया गया और मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा साथ ही उन्हें आश्वासन दिया गया कि शीघ्र ही उनके आवास मुहैया करा दिया जाएगा लेकिन आज भी स्थिति जस की तस है और विवश होकर लोगों को धरना प्रदर्शन कर रहा है करना पड़ रहा है।

नगर पालिका परिषद अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने शिफन कोर्ट के बेघरों के धरने पर कहा कि नगर पालिका ने बहुत पहले ही बोर्ड में प्रस्ताव पास कर आईडीएच में शासन को भूमि प्रदान कर दी थी। इस पर सरकार को सोचना है कि वह स्वयं के स्तर से या प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत मकान बनाये। वहीं कहा कि कुछ सभासद भी धरने पर बैठे है उन्हें पता है कि प्रस्ताव पास करने के साथ ही नगर विकास, शहरी विकास मंत्री सहित मुख्यमंत्री को भी पत्र दिए गये है जिन्हें पत्र चाहिए व पालिका कार्यालय ले सकते है। उन्होंने कहा कि यह हास्यापद है कि सभासद यह मांग कर रहे हैं जिन्होंने प्रस्ताव बोड में पास किया। जहां तक इन बेघरों की बात है तो इनमें अधिकतर को पालिका ने अपने स्तर से आवास उपलब्ध करा दिए है कुछ परिवार छूट गये हैं उन्हें भी पालिका अपने स्तर से आवास उपलब्ध करायेगी यह उससे अलग है जो पालिका ने भूमि शासन को दी है।

इस मौके पर संयोजक प्रदीप भंडारी, अध्यक्ष राजेंद्र सेमवाल, सचिव संजय टम्टा, संजय कैंतुरा, शूरवीर लाल, पूरण जुयाल, कमल भंडारी, संदीप कुमार, रामचंद्र, मनवर सिंह, विनोद लाल, आशा लाल सहित बेघर परिवारों के सदस्य मौजूद रहे।

 

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