उत्तराखंड भाषा संस्थान में मुर्धन्य साहित्यकार महावीर रंवाल्टा को दिया स्थान।

अरविन्द थपलियाल

उत्तरकाशी : साहित्य के क्षेत्र में ख्यातिप्राप्त मुर्धन्य कवि और साहित्यकार महावीर रंवाल्टा को उत्तराखंड भाषा संस्थान में नामित सदस्य बनाया गया है, उत्तराखंड भाषा संस्थान (ULI) की सभा का गठन कर लिया गया है। इसमें प्रसिद्ध साहित्यकार महावीर रवांल्टा को सदस्य नामित किया गया है। संस्थान के अध्यक्ष मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत हैं। कार्यकारी अध्यक्ष भाषा मंत्री यतिस्वरा नंद होंगे।सरकार ने हिंदी, उर्दू, पंजाबी और लोकभाषा के 12 प्रख्यात भाषाविदों व साहित्यकारों को इस बोर्ड में नामित किया है।

महावीर रवांल्टा का भाषा संस्थान में नामित होना रंवाई के लिए बड़ी उपलब्धि है। भाषा संस्थान उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में स्थापित किया जाएगा। लोकभाषा साहित्यकारों में नरेंद्र सिंह नेगी, डॉ. महावीर सिंह रवाल्टा, डॉ.अतुल शर्मा, प्रो. गोविंद सिंह, उर्दू भाषा के साहित्यकार के रूप में में अंबर खरबंदा औरपंजाबी साहित्यकार श्रेणी में सरदार गुरूदीप सिंह को रखा गया है। हिंदी के साहित्यकारों में डॉ. सुधा रानी पांडेय, प्रो. मंजुला राणा, डॉ.सुशील उपाध्याय, प्रो. शांति नाबियाल, प्रो. देव सिंह पोखरिया, प्रो.नीरजा टंडन को नामित किया गया है।

महावीर रवांल्टा देश के प्रसिद्ध साहित्यकारों में हैं। उनकी अब तक 36 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उन्होंने साहित्य की हर विधा में लिखा है। लोक भाषा को लेकर भी लगातार काम कर रहे हैं। राज्य की लोक भाषाओं पर शोध कार्य के साथ ही राज्य की सभी 13 भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी काम किया है। इसके अलावा रवांल्टी भाषा के उत्थान के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उनके साहित्य पर शोध छात्र शोध पत्र भी प्रकाशित कर चुके हैं।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *