लंका का राज्य विभीषण को सौंपकर अयोध्या लौटे भगवान श्रीराम लक्ष्मण सीता।
विनय उनियाल
जोशीमठ : पंच बद्री में विराजमान श्री ध्यान की तपस्थली उर्गम घाटी के बडगिण्डा गांव में बद्रीश रामलीला कमेटी आयोजित श्री राम लीला महायज्ञ विगत 14 दिनों से आज भगवान श्रीराम के राजतिलक के साथ सम्पन हो गया जहां भगवान श्रीराम लक्ष्मण सीता हनुमान सहित सम्पूर्ण वानर सेना का भव्य स्वागत किया गया। भाई भरत को चौदह वर्ष के बाद अयोध्या लौटने का वचन निभाते हुये भगवान राम अपनी धर्मपत्नी जानकी भाई लक्ष्मण सहित भक्त हनुमान के साथ अवध पहुंचे। राज्याभिषेक के बाद माता जानकी ने हनुमान को स्वर्ण मिला भैट की जिसने भावुक हनुमान ने ये कहकर तोड़ दी कि मेरे तो सम्पूर्ण तन में ही श्रीराम बसे हैं आज बद्रीश रामलीला कमेटी के दरबार में जीवंत अभिनय हुआ भावुक हनुमान के लिए स्वयं श्री ध्यान बदरी को भगवान राम के रूप में दर्शन देना ही पड़ा अवतरित हुये श्रीराम आप तस्वीरें में देख सकते हैं सचमुच देवभूमि है ये जहां प्रभू के होते हैं साक्षात दर्शन।
मेरे किस काम में आती ये माला भेष की मतकी, मेरा देखो बदन सारा लिखा है राम सब तन में।
श्री राम के पात्र भारत भूषण सीता सुमित नेगी लक्ष्मण राकेश नेगी हनुमान रघुबीर पवांर ने शानदार अभिनय किया इस अवसर पर ब्लाक प्रमुख हरीश परमार अध्यक्ष अनुज चौहान वन पंचायत सरपंच भगवती प्रसाद सेमवाल संगीत मास्टर प्रेम सिंह मेहर डब्बल सिंह पंवार तबला वादक अमर सिंह पंवार अवतार पवांर बचन सिंह रावत दीपक पवांर समेत सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे
