बदरीनाथ धाम के कपाट सूर्यग्रहण सूतक काल के समाप्ति के बाद खुले, ठीक 5 बजकर 32 मिनट पर खुले बदरीनाथ मन्दिर के कपाट।
विनय उनियाल
जोशीमठ : सूर्यग्रहण समाप्त के बाद विधि विधान पूर्वक मन्दिर की साफ सफाई ओर शुद्धिकरण प्रक्रिया के बाद बदरीनाथ धाम के कपाट खोले गए। मंगलवार सुबह ब्रह्मा मुहूर्त में प्रातः 4 बजकर 15 मिनट पर ग्रहण सूतक काल शुरू होने पर बद्रीनाथ धाम तथा अन्य मंदिर बन्द हो गए थे। बदरीनाथ धाम सहित अन्य मंदिरों के कपाट,
सिंह द्वार पर जय बदरी विशाल के उद्घोष के बाद आम श्रद्धालुओं के बद्रीनाथ धाम के कपाट दर्शनार्थ खोले गए। तीर्थयात्री तन्मयता के साथ कर भगवान बदरी विशाल के दर्शन पूजन कर सकेंगे।
कब क्या हुआ
सुबह 2 बजकर 30 मिनट पर खुले कपाट,
सुबह 3 बजे भगवान बदरी विशाल का अभिषेक प्रारंभ हुआ।
सुबह 4.15 बजे तक अभिषेक पूजा व बालभोग के बाद मंदिर बंद हुआ।
शाम 5.32 के बाद मंदिर खुला शुद्धिकरण सफाई की प्रक्रिया के बाद 6.15 बजे के शाम को ग्रहणान्त अभिषेक पूजा हुई।
रात्रि 9 बजकर 30 मिनट पर शयन आरती के बाद कपाट होंगे नियमित बन्द।
