मसूरी – शिफन कोट के बेघरों को आवास बनाने के लिए हंस फाउंडेशन व पालिका के मध्य बैठक आयोजित।
मसूरी : शिफन कोट के बेघर मजदूरों को आवास देने के संबंध में उपजिलाधिकारी कार्यालय में एसडीएम आनंद कुमार की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई जिसमें हंस फाउंडेशन एवं नगर पालिका परिषद के अधिकारियों सहित भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष मोहन पेटवाल ने भाग लिया जिस पर एसडीएम ने तीन अप्रैल तक पालिका व हंस फाउंडेशन को आवास बनाने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया।
बैठक की जानकारी देते हुए एसडीएम आनंद कुमार ने बताया कि शिफन कोट के बेघरों को आवास बनाने के लिए नगर पालिका व हंस फांउडेशन के बीच बैठक रखी गई थी जिसमें नगर पालिका की ओर से कहा गया कि जो प्रस्ताव हंस फाउंडेशन की ओर से आयेगा उसे मार्च अंत में बोर्ड बैठक में लाया जायेगा व उसके बाद अपेै्रल प्रथम सप्ताह में पालिका व हंस फाउंडेश के बीच बैठक कर अग्रिम कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि यह मामला गंभीर है और इसमें लगातार हंस फाउंडेशन के साथ वार्ता की जा रही है ताकि समस्या का समाधान हो सके।
इस मौके पर पालिका के अधिशासी अधिकारी राजेश नैथानी ने कहा कि नगर पालिका ने पूर्व में ही प्रस्ताव पास कर सरकार को भेज दिया था लेकिन सरकार की ओर से बजट नहीं दिया गया उसके बाद हंस फाउंडेशन ने आवास बनाने को कहा है इस पर शीघ्र ही कार्रवाई की जायेगी व मार्च अंत तक यह कार्य पूरा कर लिया जायेगा इसके लिए बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखा जायेगा व उसके बाद प्रस्ताव हंस फाउंडेशन को आवास बनाने के लिए दिया जायेगा। इस मौके पर हंस फाउंडेशन के सचिन पांडे ने कहाकि नगर पालिका की ओर से इसमें विलंब किया गया है जैसे ही उनका प्रस्ताव फाउंडेशन को मिलेगा उसके बाद भूमि परीक्षण व ज्योलाजिकल परीक्षण किया जायेगा व ओके होने के बाद शीघ्र कार्य शुरू कर दिया जायेगा।
इस मौके पर भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष मोहन पेटवाल ने कहा कि रोपवे के लिए भूमि खाली कराने के लिए नगर पालिका ने शिफन कोट को खाली कराने को नोटिस दिया लेकिन उनके विस्थापन पर कोई कार्य नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि इस पर मंत्री गणेश जोशी के प्रयासों से माता मंगला से कहा गया व हंस फाउंडेशन से पांच करोड़ 23 लाख 70 हजार स्वीकृत किया व मुख्य मंत्री ने भूमि पूजन भी किया। लेकिन पालिका की ओर से कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया क्योंकि भूमि पालिका को देनी थी उन्होंने केवल एक लाइन का प्रस्ताव पास कर सरकार को भेज दिया जबकि यह प्रस्ताव हंस फाउंडेशन को दिया जाना चाहिए था। इसमें नगर पालिका की ओर से गुमराह किया गया। जबकि मंत्री गणेश जोशी लगातार प्रयास करते रहे व उनके कहने पर हंस फाउंडेशन व पालिका के अधिकारियों के साथ एसडीएम में समक्ष बैठक की गई। अब पालिका जितनी जल्दी लीगल डाक्यूमेंट व प्रस्ताव हंस फाउंडेशन को देगी उतनी जल्दी आवासीय कालोनी बनायी जायेगी व सभी 84 परिवारों को विस्थापित किया जायेगा। वहीं कहा कि शिफन कोट के जो पालिका के मजदूर किरायेदार थे उनके लिए आईडीएच में ही प्रधानमंत्री अफोर्टेबल रेंट योजना के तहत आवास उपलब्ध कराये व उनकी किरायेदारी फिक्स की जाय।
| वहीं शिफन कोट के बेघरों का आंदोलन 10वें दिन भी जारी रहा व पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता व मंत्री गणेश जोशी के खिलाफ नारेबाजी की गई। आंदोलन के संयोजक प्रदीप भंडारी ने कहा कि आज एसडीएम ने हंस फाउंडेशन व पालिका के अधिकारियों की बैठक बुलाई थी जिसमें साफ हो गया कि दोनों ही झूठ बोल रहे हैं व किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की व लगातार बेघर मजदूरों को गुमराह करते रहे। अब एसडीएम ने तीन अप्रैल तक का समय दिया है। वहीं कहा कि शहीद स्थल पर दिनरात का धरना जारी है वहीं 13 मार्च को गैरसैंण विधानसभा सत्र में विरोध प्रदर्शन करेंगे। |

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