प्रधानमंत्री के उद्बोधन के अपेक्षित पहलुओं का क्रियान्वयन धरातल पर पूर्ण दृढ़ता से किया जाए – उपनिबंधक सहकारी समितियां मान सिंह सैनी।

देहरादून : आज पूरा विश्व अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस मना रहा है ऐसे में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 17 वे भारतीय राष्ट्रीय सहकारी महासम्मेलन एवं अंतर्राष्ट्रीय सहकारी दिवस 2023 के तत्वाधान में कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा सहकारी प्रबंध संस्थान मसूरी रोड देहरादून में सहकारिता संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मान सिंह सैनी उपनिबंधक सहकारी समितियां उत्तराखंड रहे इस अवसर पर (कृभको) कृषक भारतीय कोऑपरेटिव लिमिटेड के प्रांतीय हेड गजेंद्र कुमार उप महाप्रबंधक विपणन प्रेरकों उत्तराखंड अजय शर्मा वरिष्ठ संकाय सदस्य आईसीएम मनीष यादव संकाय सदस्य आईसीएम के अतिरिक्त जनपद देहरादून के समस्त बहुद्देशीय प्राथमिक सहकारी समितियों के सचिव अध्यक्ष समस्त सहायक विकास अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

कार्यक्रम में लगभग 60 प्रतिभागियों द्वारा हिस्सा लिया गया कार्यक्रम का शुभारंभ 17 वे  भारतीय राष्ट्रीय सहकारी समाज सम्मेलन के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए उद्घाटन उद्बोधन का पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से सजीव प्रसारण द्वारा किया गया।

प्रधानमंत्री द्वारा अपने उद्बोधन में सहकारी समितियों को अपने कार्यों को बहुआयामी बनाते हुए समिति सदस्यों की आर्थिक हितों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया कार्यक्रम के दौरान गजेंद्र कुमार उप महाप्रबंधक विपणन उत्तराखंड द्वारा राज्य के किसान हित में कृभको द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए किसान हित के लिए अत्यंत उपयोगी जैविक उत्पाद जैसे सिटी कंपोस्ट तरल जैव उर्वरक एवं तिवारी का के उपयोग की विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई कार्यक्रम का संचालन करते हुए रमेश कुमार वरिष्ठ प्रबंधक विपणन कृभको उत्तराखंड द्वारा उपस्थित सहकारी बंधुओं से अपने व्यवसाय का विविधीकरण करते हुए उसमें नवाचार का प्रयोग करने पर बल दिया गया अजय शर्मा वरिष्ठ संकाय सदस्य आईसीएम द्वारा सहकारी बंधुओं से केंद्र एवं प्रांतीय सरकार की विभिन्न योजनाओं की जमीनी स्तर पर लागू करते हुए समितियों को आर्थिक सुदृढ़ता प्रदान करने हेतु विभिन्न उपाय सुझाए गए।

कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि उप निबंधक सहकारी समितियां मान सिंह सैनी द्वारा सहकारी बंधुओं से अपील की गई कि माननीय प्रधानमंत्री के उद्बोधन के अपेक्षित पहलुओं का क्रियान्वयन धरातल पर पूर्ण दृढ़ता से किया जाए।

जिससे आखरी पायदान पर बैठे व्यक्ति की आकांक्षाओं की पूर्ति भी सहकारिता के माध्यम से की जा सके और सहकारी आंदोलन को सुदृढ़ बनाने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

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