जनपद को विकास की मुख्य धारा से जोडा़ जायेगा – सीडीओ।

रिपोर्ट – अरविन्द थपलियाल

उत्तरकाशी : केन्द्र सरकार की महत्वपूर्ण वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत चिन्हित सीमावर्ती गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिये सम्बन्धित विभागीय अधिकारी ठोस कार्य योजना बनाने के साथ ही बेहतर कार्यों को कार्य योजना में शामिल करें। यह बात मुख्य विकास अधिकारी गौरव कुमार ने वाइब्रेंट विलेज योजना की समीक्षा के दौरान कही।

प्रस्तुतिकरण के माध्यम से वाइब्रेंट विलेज योजना की विभागवार गहन समीक्षा करते हुये मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सड़क, पेयजल, सौर ऊर्जा, विद्युत आपूर्ति, मोबाइल तथा इंटरनेट कनेक्टिविटी, पर्यटक केंद्र, बहुद्देशीय सेंटर तथा स्वास्थ्य एवं वेलनेस सेंटर के विकास कार्यों पर प्रस्तावित योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिकारी गम्भीरता से लें l उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेज योजना अंतर्गत चिन्हित 8 गांव जसपुर, हर्षिल, धराली, बगोरी, झाला, मुखबा, पुराली व सुखी में आम जनमानस के अनुरूप बुनियादी सुविधाओं के साथ उन योजनाओं को भी शामिल किया जायें l जो कि पर्यटन को बढ़ावा दे l

मुख्य विकास अधिकारी ने पर्यटन अधिकारी को इको टूरिज्म के अंन्तर्गत कार्य करने को लेकर वन विभाग से समन्वय स्थापित तथा उद्यान, सेवायोजन , स्वास्थ्य, उद्योग, बाल विकास, आदि विभागों की समीक्षा करते हुये अवश्य निर्देश दिये l

इस दौरान समीक्षा बैठक में वाइब्रेंट विलेज योजना में शामिल सीमांत गांवों में बिजली,पानी,सड़क,शिक्षा,स्वास्थ्य,संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार करने एवं आजीविका विकास पर मुख्य रूप से जोर दिया गया।

उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के समावेशी विकास को लेकर सभी अधिकारी सजगता व जिम्मेदारी से अपने- अपने कार्यों का बखूबी से निर्वहन करना सुनिश्चित करें।

बैठक में परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास रमेश चंद्र,अधिशासी अभियंता जल संस्थान बलदेव सिंह डोगरा, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी भरत दत्त ढौंडियाल, महाप्रबंधक उद्योग शैली डबराल, मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ डीके तिवारी, खण्ड विकास अधिकारी भटवाड़ी अमित मंमगाई सहित सम्बन्धित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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