होटल व्यवसायों के पुर्नस्थापना की उठी मांग, वापारीयों में भारी आक्रोश।
रिपोर्ट – अरविन्द थपलियाल
नौगांव/ उत्तरकाशी : उत्तराखंड में हाई कोर्ट के आदेशानुसार अतिक्रमण को हटाया जा रहा है जिसमें प्रदेश के छोटे बडे़ कस्बों में ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया चल रही है।
अतिक्रमण हटाने के आदेश पर यमुना घाटी प्रान्तीय व्यापार मंडल ने नौगांव चौराह पर अक्रोश व्याप्त किया और लोगों के पुनारास्थापन की मांग उठाई, यमुना घाटी प्रान्तीय उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष कबुल चंद पंवार ने बताया कि घाटी के छोटे छोटे व्यापारी बर्बाद हो गये हैं जिसमें सरकार को उनके पुनारास्थापना के विषय में सोचना चाहिए जिससे उनकी आजीविका पर कोई असर ना हो।
नौगांव बाजार में व्यापारीयों ने अक्रोश व्याप्त किया और आरोप लगाया कि सरकार और कोर्ट पहले पुनारस्थापना के विषय में विचार करे जिससे लोगों की बर्बादी रूक सके।
यमुना घाटी प्रान्तीय व्यापार मंडल ने सीएम को पत्र लिखा है और पत्र में लिखा कि जो लोग पिछले 50वर्षों से व्यापार कर रहे हैं आज उनकी आजीविका पर संकट गहरा गया, उलेखनिय है कि हाई कोर्ट का आदेश है लेकिन लंबे समय से बैठे व्यापारीयों पुर्नस्थापना के रूप में लोगों को राहत देनी चाहिए।
नौगांव चौराह पर व्यापारीयों ने कोर्ट के आदेश और सरकार की चुप्पी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए व्यापारीयों और होटल व्यवसायों के लिए न्याय की मांग की।
प्रर्दशनकारीयों में राजेश रावत, विजयपाल रावत, हरदेव राणा, पुजा रावत, सुबोध डिमरी, विरेद्र डोभाल, पृथ्वी सिहं, सुमित रावत, प्रमिला चौहान, नितिन रमोला, सुरेश डोभाल, संजु रावत, सहित दो दर्जन से अधिक व्यापारी और स्थानिय लोग मौजूद रहे।
