पिथौरागढ़ में बढ़ने जा रही हवाई सेवा, अब उड़ानों के लिए तय होंगे 5 दिन
दिल्ली से भी पिथौरागढ़ के लिए खूब यात्री मिल रहे हैं, एयरलाइन ने पिथौरागढ़ में सेवाएं बढ़ाने का अनुरोध किया है.
देहरादून: सीमांत जनपद पिथौरागढ़ से दिल्ली और देहरादून के बीच हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है. जल्द ही पिथौरागढ़ की उड़ान सेवा सप्ताह में तीन दिन से बढ़ाकर पांच दिन की जाने वाली है. फ्लाइट संचालन करने वाली एयरलाइन ने इसके लिए राज्य सरकार से अनुरोध किया था, जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंजूरी दे दी है. अब आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सप्ताह में पांच दिन नियमित उड़ान सेवा शुरू होने की उम्मीद है.
वर्तमान में पिथौरागढ़ से दिल्ली और देहरादून के लिए सप्ताह में तीन दिन उड़ान संचालित हो रही है. यात्रियों की लगातार बढ़ती मांग और लगभग हर उड़ान के फुल रहने को देखते हुए उड़ानों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है. इससे सीमांत क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी, वहीं पर्यटन गतिविधियों को भी नया बल मिलेगा. दरअसल इससे पहले भी कुछ समय के लिए दिल्ली-पिथौरागढ़ हवाई सेवा को तीन दिन से बढ़ाकर पांच दिन किया गया था. हालांकि उस दौरान अतिरिक्त दो दिनों की उड़ानों का किराया सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक रखा गया था.
अधिक किराये के कारण यात्रियों से अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली और व्यवस्था लंबे समय तक जारी नहीं रह सकी. अब मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि नई व्यवस्था में किराये को भी अधिक व्यावहारिक रखा जाएगा, जिससे यात्रियों को वास्तविक लाभ मिल सके.उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ACEO) संजय टोलिया ने बताया कि सप्ताह में पांच दिन उड़ान सेवा शुरू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. उन्होंने कहा कि इस फैसले से पिथौरागढ़ आने-जाने वाले यात्रियों को दिल्ली और देहरादून से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी. साथ ही सीमांत जिले के पर्यटन को भी इससे बड़ा फायदा होगा, क्योंकि पर्यटकों के लिए पहुंच पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगी.
पिथौरागढ़ केवल सीमांत जिला ही नहीं बल्कि प्राकृतिक और धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है. नियमित और अधिक दिनों तक हवाई सेवा उपलब्ध होने से पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय कारोबार, होटल उद्योग और रोजगार के अवसरों को मिलेगा.
-संजय टोलिया, एसीईओ, यूसीएडीए
उत्तराखंड में वर्तमान समय में देहरादून और पंतनगर के बाद पिथौरागढ़ ही ऐसा एयरपोर्ट है, जहां नियमित वाणिज्यिक उड़ानें संचालित हो रही हैं. सीमांत क्षेत्र के लिए यह हवाई सेवा स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार और प्रशासनिक कार्यों के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है.खास बात ये है कि यदि सप्ताह में पांच दिन उड़ान संचालन के साथ किराये को भी आम यात्रियों की पहुंच में रखा गया, तो यह कदम उत्तराखंड की पर्वतीय हवाई सेवाओं के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है. इससे न केवल सीमांत क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि राज्य सरकार के पर्यटन और क्षेत्रीय विकास के प्रयासों को भी नई गति मिलेगी.
इसके अलावा चिनियालीसौड़ और गौचर के लिए भी नियमित सेवा करने पर विचार चल रहा है. इसलिए पहले ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अधिकारियों को निर्देशित कर चुके हैं और इस संबंध में तमाम हवाई सेवा देने वाली कंपनियों से भी इन जगहों पर नियमित सेवा देने को लेकर बातचीत चल रही है. इस तरह प्रदेश में सीमांत और दुर्गम क्षेत्रों तक हवाई सेवाओं को शुरू करने के लिए नए प्रयास हो रहे हैं जिसके तहत गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के अलग-अलग क्षेत्र को चिन्हित किया गया.
