उत्तराखंड का खूबसूरत झरना ‘बिर्थी फॉल’, कुदरती नजारे को देख नहीं हटा पाएंगे अपनी नजरें

प्राकृतिक सौंदर्य से लबरेज है देवभूमि उत्तराखंड की वादियां, पिथौरागढ़ में मौजूद बिर्थी फॉल का दीदार करने पर मिलेगा सुकून, प्रदीप माहरा की रिपोर्ट

पिथौरागढ़: उत्तराखंड अपनी खूबसूरत प्राकृतिक सौंदर्य और वादियों के लिए प्रसिद्ध है. यहां के कुदरती नजारे मोहित कर देते हैं. ऐसा ही नजारा मुनस्यारी मार्ग पर देखने को मिलता है. जो किसी पहचान की मोहताज नहीं है. वो जगह है, बिर्थी गांव. जहां करीब 125 मीटर ऊंचाई से खूबसूरत झरना गिरता है. जिसे ‘बिर्थी फॉल’ के नाम से जाना जाता है. जो हर सैलानियों के मन को मोह लेता है. यहां मन को अद्भुत शांति के साथ ही ताजगी का एहसास होता है.

बता दें कि पिथौरागढ़ जिले की सीमाएं चीन और नेपाल से मिलती हैं. अपनी नैसर्गिक खूबसूरती के लिए यह जिला पर्यटकों के बीच काफी पसंद किया जाता है. पिथौरागढ़ में तमाम प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर और अद्भुत जगह हैं, जिन्हें देखने के लिए देश-विदेश से लोग पहुंचते हैं. ऐसी ही अद्भुत जगहों में से एक है बिर्थी फॉल, जो उत्तराखंड में सबसे खूबसूरत वॉटरफॉल है.

बिर्थी वाटरफॉल पर जिसकी भी नजर पड़ती है, वो इसके करीब जाकर फोटो खिंचाने से खुद को रोक नहीं पाता है. बिर्थी फॉल पिथौरागढ़ का फेमस टूरिस्ट डेस्टिनेशन है, जो पिथौरागढ़ मुख्यालय से 90 किलोमीटर दूर मुनस्यारी जाने वाले रास्ते में पड़ता है. मुनस्यारी जाने वाले पर्यटक इस झरने का दीदार करने यहां जरूर रुकते हैं. यही वजह भी रही कि आज इस वाटरफॉल को पूरे देश में पसंद किया जाने लगा है.

वैसे तो साल भर झरने का दीदार कर सकते हैं, लेकिन मानसून सीजन यानी (जून-सितंबर) में नजारा देखते ही बनता है. क्योंकि, मानसून में झरना पूरे स्वरूप में बहता है, जिससे नजारा बेहद शानदार होता है. इन दिनों भी बिर्थी फॉल को निहारने के लिए पर्यटकों की भीड़ उमड़ी हुई है. ईटीवी भारत ने बिर्थी वाटरफॉल जाकर पर्यटकों और स्थानीय से बात की. इस दौरान पर्यटकों ने बिर्थी वाटरफॉल को प्रकृति प्रेमियों के लिए सबसे बढ़िया जगह बताया.

बिर्थी फॉल पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र है. गर्मियों में काफी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक यहां पहुंचते हैं. बिर्थी फॉल के आसपास स्थानीय लोगों की ओर से छोटे-छोटे भोजनालय और चाय की दुकानें भी संचालित की जाती हैं, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलता है.

बरसात के मौसम में झरने के आसपास की चट्टानें फिसलन भरी हो जाती हैं. इसलिए प्रशासन और स्थानीय लोग पर्यटकों से निर्धारित सुरक्षा सीमाओं के भीतर रहकर ही झरने का लुत्फ उठाने की अपील करते हैं. मौसम खराब होने पर सावधानी बरतना और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करना आवश्यक होता है.
विश्व प्रसिद्ध बिर्थी फॉल मुनस्यारी विकासखंड के बिर्थी ग्राम पंचायत में स्थित है. ग्राम पंचायत झरने के दीदार करने के लिए आने वाले पर्यटकों से न्यूनतम शुल्क वसूलती है. पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ग्रामीणों ने पंचायत में विधिवत प्रस्ताव पास कर 20 दिसंबर 2021 से प्रति पर्यटक 20 रुपए वसूलना शुरू किया.
साढ़े 5 साल में बिर्थी ग्राम पंचायत कमा चुका 25.10 लाख रुपए: ऐसे में 20 दिसंबर 2021 से लेकर जून 2026 तक यानी करीब साढ़े 5 सालों में बिर्थी ग्राम पंचायत को 25,10,450 रुपए की आय हो चुकी है. खास बात ये है कि इस धनराशि को गांव के विकास में खर्च किया जाता है.
1.25 करोड़ से बना ग्लास ब्रिज: बिर्थी फॉल में कुमाऊं के पहले ग्लास ब्रिज (कांच) का निर्माण किया गया है. यहां से पर्यटक बिर्थी झरने को निहारते हैं. करीब 10 मीटर लंबा यह ग्लास ब्रिज बिर्थी फॉल के व्यू प्वाइंट की तरह काम करता है. इस ब्रिज को ग्रामीण निर्माण विभाग की ओर से सवा करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया है.
पर्यटकों को लुभा रहा ग्लास ब्रिज: मुनस्यारी में पर्यटक गर्मियों और जाड़ों दोनों सीजन में यहां आते हैं. यहां जो कोई भी आता है, वो इस खूबसूरत झरने को देखने जरूर रुकता है. ग्लास ब्रिज के बन जाने से यहां पर्यटकों को एक सेल्फी प्वाइंट मिलता है. बिर्थी फॉल का प्रचार होने के साथ ही पर्यटकों की संख्या में इजाफा भी हो रहा है.
महिला समूह के स्थानीय वेशभूषा पर्यटकों को आ रही पंसद: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह बिर्थी फॉल महिला ग्राम संगठन की ओर से यहां पर पिछले एक साल से खास पहल की गई है. जिसमें समूह की महिलाओं की ओर से यहां घूमने आने वाले महिला और पुरुषों के स्थानीय पारंपरिक वेशभूषा तैयार की गई है.
जिसमें महिलाओं के लिए घाघरा, पिछौड़ा, नथ और पुरुषों के लिए मुनस्यारी की प्रसिद्ध वेशभूषा शामिल है. जिसे पहन कर पर्यटक फोटो खिंचवाते हैं. जिसके एवज में 100 रुपए का शुल्क लिया जाता है. एक साल के भीतर इस ड्रेस के शुल्क से महिला समूह की 5 लाख से ज्यादा की आय हो चुकी है.
इससे समूह की महिलाओं में काफी उत्साह भी देखने को मिल रहा है. इस ड्रेस को पहनकर पर्यटक फोटो खिंचाने के साथ ही रील्स आदि बनाते हैं, जो एक आकर्षण का केंद्र रहता है. इससे न केवल पर्यटक मुनस्यारी की वेशभूषा से रूबरू होते हैं. बल्कि, इस पांरपरिक परिधान का भी प्रचार-प्रसार हो रहा है.
ग्रामीण युवक-युवतियों को मिला भी रोजगार: बिर्थी फॉल की वजह से ग्रामीणों को स्वरोजगार भी मिला है. बिर्थी गांव के 22 युवक-युवतियों को 10 हजार से 15 हजार रुपए मानदेय मिल रहा है. ये युवा यहां की देख रेख के साथ व्यवस्थाएं बनाने का काम करते हैं. महिला स्वयं सहायता समूहों की झरना परिसर में स्वच्छता आदि गतिविधियों से आय हो रही है. जबकि, यहां 6 होम स्टे भी संचालित हैं.
Spread the love

सोशल मीडिया वायरल