मसूरी – वन विभाग उप वन संरक्षक कहकशा नसीम ने किया कंपोस्टिंग पिट का उद्घाटन।
मसूरी : नगर पालिका परिषद ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में प्रथम रैंकिंग हासिल करने के बाद स्वच्छता की ओर एक कदम के तहत हिलदारी एवं मसूरी वन प्रभाग के सहयोग से मसूरी वन प्रभाग कार्यालय परिसर में कंपोस्ट पिट बनाया गया। वहीं दूसरा कंपोस्ट पिट होटल विष्णु पैलेस में बनाया गया जिसमें गीला जैविक कचरा कंपोस्ट किया जायेगा। साथ ही इसमें खाद बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
कंपोस्ट पिट बनाने के लिए समतल भूमि पर 4 मीटर लंबाई 2.5 मीटर चौड़ी एवं 2.5 मीटर ऊंची ईटों का उपयोग किया गया है। साथ ही साथ कंपोस्ट पिट को गोबर की परत चढ़ाई गई है। इसमें वातन के पाइप और गड्ढे को गर्म और भारी तापमान से सुरक्षित रखने के लिए 1500 किलोग्राम रंगीन कांच की बोतल को तोड़कर चारों तरफ बाहरी दीवार में चुनाई की गई है। कंपोस्ट पिट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वे चूहे और बंदरों और बारिश के पानी से सुरक्षित रहें। इसमें ढलान के साथ नाली के पाइप है ताकि डिस्चार्ज को इकट्ठा किया जा सके और बैक्टीरिया के उत्पादन के लिए पुनः उपयोग किया जा सके। कंपोस्ट पिट उदघाटन पर उप वन संरक्षक कहकशा नसीम ने हिलदारी के काम की सराहना की व कहा कि उनके प्रयास से अब वन विभाग के सरकारी आवासों का कचरा यहीं पर निस्तारण कर कंपोस्ट किया जायेगा व उससे बनी खाद का उपयोग फूल पौधों में किया जायेगा। साथ ही होटल विष्णु पैलेस के स्वामी आशीष गोयल को भी शुभकामना दी गई। इस मौके पर नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी आशुतोष सती ने बताया गया कि इसको मॉडल मानते हुए प्रत्येक होटल को भी निर्देशित किया जाएगा कि वे अपनी जैविक कचरे का निस्तारण स्वयं करें। उन्हांेने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत शहर में जो कूड़ा उत्पन्न होता है उसमें मुख्य भूमिका होटल इंडस्ट्री का होता है जो 56 प्रतिशत रहता है। कंपोस्ट पिट के बारे में जानकारी देते हुए हिलदारी प्रोजेक्ट के प्रबंधक अरविंद शुक्ला ने बताया कि इंसुलेटर पदार्थ के तौर पर रंगीन कांच अच्छा विकल्प है यह पदार्थ पिट के अंदर का तापमान बाहरी तापमान से लगभग 20 से 25 डिग्री सेंटीग्रेड तक ज्यादा रहता है ताकि गीला कचरे से खाद बनने तक की प्रक्रिया को 2 माह कम समय लगेगा। उन्होंने कहा कि अगर 50 किलोग्राम जैविक कचरा लैंडफिल पर नहीं जाता है वार्षिक कचरे का आकलन 18000 किलो यानी 18 टन जैविक कचरा को रोक सकते हैं। वहीं इससे नगर पालिका को देहरादून कचरा ले जाने व कचरे के निस्तारण का खर्च भी वहन नहीं करना होगा व पालिका को आर्थिक लाभ होगा। इस योजना को सफल बनाने में आशीष गोयल, रोहित, कमल राजपूत एवं किरण आदि मौजूद रहे।
ओमीक्रोन व कोरोना संक्रमण के बढते मामलों को देखते हुए विंटर लाइन कार्निवाल स्थगित।
