शिक्षक नेत्रमणि बडोनी विद्या वाचस्पति पीएच्डी की मानद उपाधि से सम्मानित हुए।

मसूरी : हिन्दू नववर्ष स्वागत, सम्मान उत्सव के अवसर पर काशी हिन्दी विद्या पीठ ने दिल्ली में राष्ट्र भाषा के प्रचार-प्रसार व विकास हेतु किये जा रहे विशिष्ठ योगदान के लिये साहित्य शिरोमणियों तथा ख्यातिलब्ध जनों को सम्मानित करने हेतु सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिसमें उत्तराखण्ड के शिक्षक, कवि एवं राजनीतिक चिंतक डॉ नेत्रमणि बडोनी अविरल को उनकी सुदीर्घ हिन्दी सेवा, शैक्षिक उपलब्धियाँ हिन्दी साहित्य लेखन, तथा सामाजिक व राजनीतिक चेतना हेतु किये गये कार्यों के लिये विद्या वाचस्पति पीएचडी की मानद उपाधि से काशी हिन्दी विद्या पीठ के कुलपति डॉ संभाजी राजाराम बाविस्कर ने सम्मानित किया व साथ ही विद्या पीठ की लाइफटाइम सदस्यता प्रदान की गयी।
डॉ नेत्रमणि बडोनी जनपद उत्तरकाशी के रंवॉई क्षेत्र ग्राम हिमरोल के निवासी हैं। विद्यार्थी जीवन से ही परिश्रमी संघर्षशील एवं ओजस्वी रहे है। विद्यार्थी जीवन में इन्हे छात्र-छात्राओं के हितों की मांग पूरी करने के लिये जेल भरो आंदोलनों को भी अंजाम दिया व शिक्षा, सामाजिक एवं राजनीतिक चेतना संबधी लेखन के क्षेत्र में इनका योगदान दीर्ध अवधि से रहा है। राजकीय सेवा में आने से पूर्व ग्रामीण अंचल के आर्थिक रुप में कमजोर बच्चों की बेहतर शिक्षा के उद्देश्य से अपना निजी विद्यालय संचालित करते थे, साथ ही पत्रकारिता में डिप्लोमा करने के पश्चात समाचार पत्र-पत्रिकांओं में जनसामान्य से सरोकार रखने वाले महत्वपूर्ण मसलों पर सटीक तथा बेबाक समाचारों तथा लेखों के लिये पहचाने जाते रहे। वर्ष 2005 में राजकीय सेवा में आने पर इन्होंने अपना अब तक का संपूर्ण सेवाकाल अतिर्द्गम एवं दुर्गम क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों में एक आदर्श शिक्षक के रुप में सेवायें प्रदान कर क्षेत्रीय जनता व विद्यार्थियों के मध्य कठोर अनुशासन, नवोन्मुखी शिक्षणशैली, एवं सहज मार्गदर्शक के रुप में लोकप्रिय रहे हैं। जुलाई 2023 से ये राइका सड़ब जौनपुर टिहरी गढ़वाल मे प्रवक्ता अंग्रजी के पद पर कार्यरत हैं। जहां पलायन के कारण विद्यालय की न्यून छात्र संख्या में वृद्धि के लिए ये विद्यालय में बेहतर शैक्षिक वातावरण निर्माण के साथ ही साथ शैक्षिक गोष्ठियों व अभिभावकों से संपर्क के माध्यम से जन जागरुकता एवं सामाजिक चेतना जैसे कार्यों को पूर्ण निष्ठा व मनोयोग से कर रहे हैं शिक्षा के लिए समर्पित अध्यापक को काशी हिन्दी विद्या पीठ के इस प्रतिषठित सम्मान से अलंकुत होने पर समस्त क्षेत्र वासियों, इनके परिवार जनों, मित्रों व विद्यार्थियों में खुशी की लहर है। दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉं कृष्णानंद महाराज जी प्रमुख महा मंडलेश्वर महर्षि भारद्वाज अखाड़ा, आत्मानंद महाराज जी-तारण पंथ जिनधर्म श्री संघ गौरव दशम प्रतिमा धारी बालब्रह्माचारी अंतर्राष्ट्रीय संत, डॉ ममता नौगरैया वरिष्ठ लेखिका तथा विशिष्ठ अतिथि के रुप में कुलाधिपति सुखमंगल सिंह मंगल एवं काशी हिन्दी विद्यापीठ के कुलपति डॉ संभाजी राजाराम बाविस्कर मौजूद रहे।